yaad shayari

Yaad Shayari

Yaad Shayari

गलती उनकी नही
कसूरवार मेरी गरीबी थी दोस्तों
हम अपनी औकात भूलकर बड़े लोगों
से दिल लगा बैठे

Yaad Shayari

तेरी तस्वीरों में कुछ यादें मेरी भी हैं
कुछ पलों की बातें अधूरी भी हैं

Yaad Shayari

अब सोचते हैं लाएँगे तुझ सा कहाँ से हम;
उठने को उठ तो आए तेरे आस्ताँ से हम।

Yaad Shayari

तेरी याद को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी,
हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी

Yaad Shayari

मैं शिकायत करूँ तो क्यों करूँ ,
ये तो किस्मत की बात है,
तेरी सोच में भी नहीं मैं,
और तू मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ याद है।

Yaad Shayari

जिस कदर तुमने भुला रखा है कभी सोचना,
हम सब छोड़कर निकले थे एक तेरी मोहब्बत के लिये..

Yaad Shayari

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग दर्द पढ़ते है
और आह तक नहीं करते

Yaad Shayari

यूँ चाँद भी तन्हा है, चांदनी के बगैर,
मेरा दिल भी तन्हा है तेरी याद के बगैर।।

Yaad Shayari

हर रात गुजर रही है रूठने और मनाने में कहीं साँसें थम ना जाए
मेरी हमारे प्यार को बचाने में

Yaad Shayari

तेरी मजबूरियाँ भी होगी चलो मान लेते है।
मगर तेरा एक वादा भी था मुझे याद रखने का ।

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