Propose Day Shayari

Propose day shayari

ये सानेहा भी मोहब्बत में बार-हा गुजरा,कि उस ने हाल भी पूछा तो आँख भर आई।
प्यास बुझ जाये ज़मीं सब्ज़ हो मंज़र धुल जाये,काम क्या क्या न इन आँखों की तरी आये है।
शायद तू कभी प्यासा फिर मेरी तरफ लौट आये,आँखों में लिए फिरता हूँ दरिया तेरी खातिर।
दो चार आँसू ही आते हैं पलकों के किनारे पे,वर्ना आँखों का समंदर गहरा बहुत है।
सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे,रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।
जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें,वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।
टपक पड़ते हैं आँसू जब तुम्हारी याद आती है,ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीं होता।
आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए,गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
रक़्स-ए-सबा के जश्न में हम तुम भी नाचते,ऐ काश तुम भी आ गए होते सबा के साथ।
न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे,हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं।

Propose day collection hindi shayari 

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