Propose Day Shayari

Propose day shayari

तुम्हारी याद में आँसू बहाना यूँ भी जरूरी है,रुके दरिया के पानी को तो प्यासा भी नहीं छूता।
हर बात पर नम हो जाती हैं आँखें मेरी अक्सर,जहाँ भर के अश्क खुदा मेरी पलकों में रख भूला।
उसने बस यूँ ही उदासी का सबब पूछा था,मेरी आँखों में सिमट आये समंदर सारे।
जब लफ्ज़ थक गए तो फिर आँखों ने बात की,जो आँखें भी थक गयीं तो अश्कों से बात हुई।
अगर मुझे हर बार लगता है कि मैंने तुम्हारे बारे में सोचा था कि मैं हमेशा के लिए एक बगीचे से गुजरता हूं।
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे।
यकीन है कि न आएगा मुझसे मिलने कोई,तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है।
चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी,आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।
मुझे जीने के लिए जो कुछ चाहिए वह मुझे पृथ्वी ने दिया है। मुझे जीने की आवश्यकता क्यों है मुझे आपके द्वारा दिया गया है।
अपने दिल में मेरे लिए एक जगह निर्धारित करें और मन के लिए आपके दिमाग में आसानी से नहीं भूलता है लेकिन दिल हमेशा याद रखता है। हैप्पी प्रपोज डे

Shayari collection for propose day

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