Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari Quotes

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना

Desh Bhakti Shayari

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर

Desh Bhakti Shayari

न तीर से न तलवार से हम समझाएं पहले प्यार से हम,
जो टकराता है फिर भी हमसे, मिटा दें उसको पहले वार से हम।

Desh Bhakti Shayari

हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम भारतीय हैं –
जय भारत, वन्दे मातरम

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari
आजाद, भगत सिंह जैसे, इस देश में जन्में वीर यहाँ,
कुर्बानी की इनकी गाथाएं गाता है ये सारा जहाँ।

Desh Bhakti Shayari

उत्तर में है खड़ा हिमालय, दक्षिण में सागर मचल रहा,
पूरब से सूरज निकला देखो, पश्चिम प्रगति में बदल रहा।

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari
उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है….

Desh Bhakti Shayari

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़
मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं
लेकिन सर झुका सकते नहीं

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

Previous page 1 2 3 4 5 6Next page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button