Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

आन देश की, शान देश की,
इस देश की हम संतान हैं !
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है !!
ये दुनिया एक दुल्हन ये दुनिया.एक दुल्हन दुल्हन के माथे पे बिंदिया
हर रोज नया दिन, हर रोज नया पर्व है,
विविधताओं से भरे इस देश पर मुझे गर्व है।
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
उड़ जाती है नींद ये सोचकर कि सरहद पे दी गयीं
वो कुर्बानियां मेरी नींद के लिए थीं
तिरंगा है आन मेरी तिरंगा ही है शान मेरी तिरंगा रहे सदा
ऊँचा हमारा तिरंगे से है धरती महान मेरी
मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा,
बस यही अरमान रखता हूँ।
देश के लिए मर मिटना कुबूल है
हमें अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें
खून से खेलेंगे होली, अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,,
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे पापों का जब पतन होगा,
हो जाएगा खुशहाल ये जीवन खुशहाल ये मेरा वतन होगा।

Desh bhakti hindi shayari lines 

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